बस खिलने को है सुरीली कलियाँ
आज शाम ढलते वक्त शहर से गुजर रहे बादलों के एक झुण्ड ने कुछ बुँदे बरसाई। मिटटी की खुशबु से लबरेज एक हवा का झोंका खिड़की से कमरे में दाखिल हो गया और एफऍम स्टेशन पर एक गीत बजना शुरू हुआ ' नाम गुम जायेगा'. उसी पल दिल ने चाहा कि ये गाना खत्म होने तक काश ये हवा का खुशुबुदार झोंका मेरे घर का मेहमान बन जाए। ऐसा क्यों होता है कि मानसून की आहट होते ही दिल हमें संगीत की ओर चुम्बक की तरह म्यूजिक सिस्टम की ओर खींचे ले जाता है। बारिश और संगीत का ऐसा क्या रिश्ता है, मैं कभी समझ नहीं पाता हूँ। इस रिश्ते को बारिश और संगीत सदियों से निभाते आ रहे हैं, जब-जब पहली बुँदे तपती धरती को राहत पहुंचाती है तो कई संगीतकारों के मन में भी रचनाओ के नए फूल खिलते हैं। बारिश अब बस हमसे चंद कदम दूर रह गई है और सुरीली कलियाँ सर उठाकर खिलने के लिए तैयार हैं। आने वाले बरसाती महीने संगीत प्रेमियों के लिए खासे दिलचस्प होने वाले हैं। आज मैं यहाँ कुछ ऐसे गीतों की चर्चा कर रहा हूँ, जो आने वाले दिनों में संगीत की जबरदस्त लहर पैदा करने जा रहे हैं। चोटी के संगीतकार ए आर रहमान कुछ दिनों पहले अपने महत्वाकांशी संगीत ' जब तक हैं जान' के साथ लौटे थे, लेकिन इस जादूगर को हमेशा पसंद करने वाले संगीत प्रेमियों ने फिल्म और संगीत दोनों को नकार दिया। रहमान और गुलज़ार की केमेस्ट्री नाकाम हो जाना एक बड़े सदमे की तरह था। रहमान फिर लौटे हैं अपनी नई फिल्म 'राँझना' के साथ। बनारस के कट्टर हिन्दू परिवार के एक युवक की कहानी, जो बचपन से ही एक मुस्लिम युवती से प्यार करता है। रहमान ने फिल्म की विषय वस्तु के अनुरूप संगीत दिया है। इस फिल्म के दो गीत फिल्म के प्रोमो में दिखाए जा रहे हैं और इन्हें हर वर्ग पसंद कर रहा है। इरशाद कामिल की लेखनी इस बार रहमान के लिए क्या खूब चली है। गुलज़ार की गरिष्ठ शायरी से मुक्त होकर रहमान का संगीत इरशाद की ताजगी भरी लेखनी के साथ आम संगीत प्रेमी को सहज ही पसंद आ रहा हैं। ' तुम तक' गीत अभी से लोकप्रियता के शिखर पर जा पहुंचा है तो इसकी वजह यही है कि रहमान इस बार आम संगीत प्रेमी के लिए बहुत 'आसान' होकर प्रस्तुत हुए हैं। एक संगीतकार और हैं जिनका जिक्र जरुरी है, अमित त्रिवेदी अपनी फिल्म लुटेरा के साथ एक नए रंग में पेश हो रहे हैं। इसके अलावा हिमेश रेशमिया की फिल्म ' शार्टकट रोमियो' के गीत भी लोगो की जबान पर चढ़ेंगे, इस बात की पूरी सम्भावना नज़र आ रही है। इस फिल्म का एक गीत ' खाली दुआ, सलाम मुलाकातों में, चेहरे की रंगत बदल रही है, तेरी सोहबत में। इस गीत को मोहित चौहान ने अपनी आवाज़ दी है और उनके आवाज के बेस का हिमेश ने जोरदार इस्तेमाल किया है। बारिश होने को हैं और ये सुरीली कलियाँ बस खिलने ही वाली है और इस मौसम के सुहानेपन को दुगना करने वाली है.
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