अब लड़ाई आर पार की बन चुकी थी। वासिल जानता था कि इरविन घंटो एक मूर्ति की तरह किसी भी कोने में खड़ा रह सकता है। उसने किसी बौद्ध की तरह अपनी साँसों पर नियंत्रण पाना सीख लिया था और इसलिए जब भी उसकी ऊँगली ट्रिगर पर दबती, अगले ही पल गोली दुश्मन के सर में धंस जाती थी। फिर भी उसने तान्या और साशा की खातिर इस असाधारण योद्धा के नाम अपनी रायफल लोड कर ली थी। कहानी अब अपने अंतिम छोर पर आ चुकी है, जर्मनी का घेरा स्टॅलिनग्रेड पर कसता जा रहा है। वासिल अपने कमिश्नर डानिलोव के साथ एक बंकर में दुबका है। सामने ही एक और बंकर में इरविन इत्मीनान से गुस्से में पागल वासिल का इंतज़ार कर रहा है। वो जानता है कि साशा की मौत का बदला लेने के लिए वासिल उसे खोजने के लिए बाहर जरुर आएगा। वासिल को ये मालुम नहीं है कि उनके बेस केम्प पर जबरदस्त हमला हुआ है और तान्या फौजी अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रही है। इधर वासिल के सब्र का बाँध टूट रहा है क्योकि इरविन अब तक नज़र नहीं आया है। ऐसे में डानिलोव अचानक एक निर्णय लेता है और ये सब इतनी तेज़ी से होता है की वासिल उसे रोक नहीं पाता। डानिलोव उठता है और बंकर के झरोखे के पास जाकर कहता है, तुम्हारे और देश के लिए वासिल, इतना कहकर डानिलोव बाहर झांकता है, अगले ही पल बीस्ट की रायफल से निकली गोली डानिलोव के माथे के आर-पार हो जाती है। वासिल डानिलोव को सेल्यूट मारता है और सोचता है कि डानिलोव ने अपना बलिदान देकर जंग की वो चाल चली है, जिसे दुनिया चेक मेट के नाम से जानती है। वासिल के जबड़े भींच जाते है, अब बदला लेने का वक्त आ गया है। दुश्मन ये सोचकर बाहर आएगा कि वासिल मारा गया है और बस वही पहला और आखिरी मौका होगा इस चूहे बिल्ली के खेल को खत्म करने का।रेलवे ट्रेक पर बने बंकर से बाहर निकलकर इरविन वासिल के बंकर की और बढ़ रहा है। तभी वह ठिठकता है, उसे आभास होता है कि वो पकड़ा गया है। थोड़ी ही दूर वासिल बन्दुक ताने खड़ा है और उसका निशाना इरविन का सर है। इरविन समझ गया है कि अब अंत आ चुका है। वह सर से अपनी केप निकाल कर जताता है कि वो मरने के लिए तेयार है। अगले पल गोली चलती है और इरविन ढेर हो जाता है। आखिरकार डोनिलोव का बलिदान काम आया। अगले दृश्य में इरविन की बन्दुक लिए फौजी हस्पताल में वासिल व्यग्रता से तान्या को खोज रहा है। तभी उसकी निगाह एक बेड पर पड़ती है जहा तान्या उसे ही देख रही है। इस तरह वासिल ने एक जर्मन मिथक का अंत अपनी अक्ल और हिम्मत के साथ किया। Sunday, April 28, 2013
चूहे बिल्ली का खेल-4
अब लड़ाई आर पार की बन चुकी थी। वासिल जानता था कि इरविन घंटो एक मूर्ति की तरह किसी भी कोने में खड़ा रह सकता है। उसने किसी बौद्ध की तरह अपनी साँसों पर नियंत्रण पाना सीख लिया था और इसलिए जब भी उसकी ऊँगली ट्रिगर पर दबती, अगले ही पल गोली दुश्मन के सर में धंस जाती थी। फिर भी उसने तान्या और साशा की खातिर इस असाधारण योद्धा के नाम अपनी रायफल लोड कर ली थी। कहानी अब अपने अंतिम छोर पर आ चुकी है, जर्मनी का घेरा स्टॅलिनग्रेड पर कसता जा रहा है। वासिल अपने कमिश्नर डानिलोव के साथ एक बंकर में दुबका है। सामने ही एक और बंकर में इरविन इत्मीनान से गुस्से में पागल वासिल का इंतज़ार कर रहा है। वो जानता है कि साशा की मौत का बदला लेने के लिए वासिल उसे खोजने के लिए बाहर जरुर आएगा। वासिल को ये मालुम नहीं है कि उनके बेस केम्प पर जबरदस्त हमला हुआ है और तान्या फौजी अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रही है। इधर वासिल के सब्र का बाँध टूट रहा है क्योकि इरविन अब तक नज़र नहीं आया है। ऐसे में डानिलोव अचानक एक निर्णय लेता है और ये सब इतनी तेज़ी से होता है की वासिल उसे रोक नहीं पाता। डानिलोव उठता है और बंकर के झरोखे के पास जाकर कहता है, तुम्हारे और देश के लिए वासिल, इतना कहकर डानिलोव बाहर झांकता है, अगले ही पल बीस्ट की रायफल से निकली गोली डानिलोव के माथे के आर-पार हो जाती है। वासिल डानिलोव को सेल्यूट मारता है और सोचता है कि डानिलोव ने अपना बलिदान देकर जंग की वो चाल चली है, जिसे दुनिया चेक मेट के नाम से जानती है। वासिल के जबड़े भींच जाते है, अब बदला लेने का वक्त आ गया है। दुश्मन ये सोचकर बाहर आएगा कि वासिल मारा गया है और बस वही पहला और आखिरी मौका होगा इस चूहे बिल्ली के खेल को खत्म करने का।रेलवे ट्रेक पर बने बंकर से बाहर निकलकर इरविन वासिल के बंकर की और बढ़ रहा है। तभी वह ठिठकता है, उसे आभास होता है कि वो पकड़ा गया है। थोड़ी ही दूर वासिल बन्दुक ताने खड़ा है और उसका निशाना इरविन का सर है। इरविन समझ गया है कि अब अंत आ चुका है। वह सर से अपनी केप निकाल कर जताता है कि वो मरने के लिए तेयार है। अगले पल गोली चलती है और इरविन ढेर हो जाता है। आखिरकार डोनिलोव का बलिदान काम आया। अगले दृश्य में इरविन की बन्दुक लिए फौजी हस्पताल में वासिल व्यग्रता से तान्या को खोज रहा है। तभी उसकी निगाह एक बेड पर पड़ती है जहा तान्या उसे ही देख रही है। इस तरह वासिल ने एक जर्मन मिथक का अंत अपनी अक्ल और हिम्मत के साथ किया।
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