Friday, April 26, 2013

चूहे बिल्ली का खेल-2




इरविन
साशा चाकलेट और फ़ूड कैन के बदले अपने देश के बेस्ट शूटर का राज दुश्मन के सामने खोल देने के लिए राजी हो चुका था। अब तक इरविन ये जान चुका था कि रशियन वासिल पर जरुरत से ज्यादा भरोसा रखते हैं और एक बार उसे मार दिया तो रशिया के हौसले ऐसे ही पस्त हो जायेंगे और स्टेलिनग्रेड की जंग में जर्मनो की जीत होगी। लेकिन साशा और खुबसूरत तान्या का मानना है कि इरविन कितना ही तेज़ क्यों ना हो, वासिल को नहीं मार पायेगा। इरविन पहली मुठभेड़ की जगह तय करता है और साशा को बातो-बातो में बता देता है कि आज वो वासिल की खोज में बाहर जाने वाला है। वासिल की छठी इन्द्री ये संकेत कर रही है कि कही तो कुछ गड़बड़ है, वो सोच रहा है कि इस खेल में इरविन उसे जल्द बाहर निकालना चाहता है। आखिरकार वासिल अपने एक साथी के साथ इरविन की तलाश में निकलता है। खंडहर हो चूका स्टेलिनग्रेड शहर  किसी स्निपर शूटर के लिए अपना जाल बिछाने का बेहतरीन जगह बन गया था। वासिल और उसके साथी को एक खंडहर हो चुकी इमारत में किसी के छुपे होने का शक है, वासिल को लग रहा है सामने छुपा शख्स जरुर इरविन ही होना चाहिए। यदि युद्ध क्षेत्र में दो स्निपर शूटर एक दुसरे को मारने की फिराक में हो तो ये लुकाछिपी कई घंटो और दिनों तक चल सकती है। जिसने पहले सब्र खोया और बाहर आया, उसे जल्दबाजी की कीमत जान देकर चुकानी पड़ती है। मगर अफ़सोस वासिल का साथी युद्ध का ये शाश्वत नियम भूल जाता है और ये भी भूल जाता है कि उनकी टोह ले रहा नाज़ी जर्मन एक ऐसा बीस्ट है, जिसकी स्निपर रायफल किसी को नहीं छोडती। साथी एक खंडहर से दूसरी और जाने के लिए छलांग मारता है, इरविन को बस इस पल का इंतज़ार था। धायं, एक फायर होता है और वासिल का साथी नीचे पडा नज़र आ रहा है। अचूक निशाने ने उसका भेजा उड़ा दिया है। वासिल अपने दुश्मन की पैनी नज़र का कायल हो जाता है और साथ ही वो सोचता है कि उसके जैसा नौसिखिया शूटर इरविन द बीस्ट को कभी नहीं मार पायेगा। 

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