प्रिय पाठक,
मुझे इस ब्लॉग को शुरू किये एक साल पूर्ण हो चुका है और देश विदेश के हज़ारों पाठकों का प्यार मुझे मिला है. इस ब्लॉग के जरिये आप तो मुझे पढ़ पा रहे हैं लेकिन मेरे पास आपको पहचानने का कोई जरिया नहीं है. एक लेखक के रूप में मेरी यात्रा अभी-अभी शुरू हुई है और मुझे आपकी आलोचनाओ और प्रशंसाओं की बहुत जरुरत है. जब तक ये नहीं होगा, एक लेखक के रूप में अपने अंदर और सुधार कर पाना मेरे लिए मुमकिन नहीं होगा। आप मुझसे फेसबुक के जरिये जुड़ सकते हैं. सम्भव है कि अंग्रेजी में सर्च करने पर आप मुझे नहीं खोज पाये इसलिए इस नाम (विपुल रेगे ) को यहाँ से कॉपी कर फेसबुक सर्च पर पेस्ट कर दें, मैं आपको मिल जाऊंगा. आपकी फ्रेंड रिक्वेस्ट का मुझे इंतज़ार रहेगा.
विपुल रेगे
मुझे इस ब्लॉग को शुरू किये एक साल पूर्ण हो चुका है और देश विदेश के हज़ारों पाठकों का प्यार मुझे मिला है. इस ब्लॉग के जरिये आप तो मुझे पढ़ पा रहे हैं लेकिन मेरे पास आपको पहचानने का कोई जरिया नहीं है. एक लेखक के रूप में मेरी यात्रा अभी-अभी शुरू हुई है और मुझे आपकी आलोचनाओ और प्रशंसाओं की बहुत जरुरत है. जब तक ये नहीं होगा, एक लेखक के रूप में अपने अंदर और सुधार कर पाना मेरे लिए मुमकिन नहीं होगा। आप मुझसे फेसबुक के जरिये जुड़ सकते हैं. सम्भव है कि अंग्रेजी में सर्च करने पर आप मुझे नहीं खोज पाये इसलिए इस नाम (विपुल रेगे ) को यहाँ से कॉपी कर फेसबुक सर्च पर पेस्ट कर दें, मैं आपको मिल जाऊंगा. आपकी फ्रेंड रिक्वेस्ट का मुझे इंतज़ार रहेगा.
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